श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 9: गोपीनाथ पट्टनायक का उद्धार  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.9.29 
राजा बले , - “येइ भाल, सेइ कर याय ।
ये उपाये कौड़ि पाइ, कर से उपा य” ॥29॥
 
 
अनुवाद
राजा ने उत्तर दिया, 'जो भी उपाय तुम्हें ठीक लगे, तुम अपना सकते हो। कोई भी उपाय जिससे तुम किसी न किसी तरह धन प्राप्त कर सको, ठीक है।'
 
The king replied, "You should adopt whatever method you think is best. Whatever method allows you to accumulate wealth is the right one."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)