श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  3.7.159 
एत ब लि’ पण्डित प्रभुर स्थाने आइला ।
रोदन करिया प्रभुर चरणे पड़िला ॥159॥
 
 
अनुवाद
यह कहकर गदाधर पंडित श्री चैतन्य महाप्रभु के पास गए और भगवान के चरण कमलों पर रोते हुए गिर पड़े।
 
Saying this, Gadadhara Pandit went to Sri Chaitanya Mahaprabhu and fell at his feet crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)