श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  3.7.141 
स्वगण - सहित प्रभुर निमन्त्रण कैला ।
महाप्रभु तारे तबे प्रसन्न हुइला ॥141॥
 
 
अनुवाद
जब वल्लभ भट्ट ने श्री चैतन्य महाप्रभु और उनके सहयोगियों को आमंत्रित किया, तो भगवान उनसे बहुत प्रसन्न हुए।
 
When Vallabha Bhatta invited Sri Chaitanya Mahaprabhu and his associates, Mahaprabhu was very pleased with him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)