श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  3.6.84 
आसन दिया महाप्रभुरे ताहाँ वसाइला ।
दुइ भाइ तबे चिड़ा खाइते लागिला ॥84॥
 
 
अनुवाद
भगवान नित्यानंद ने श्री चैतन्य महाप्रभु को स्थान दिया और उन्हें बैठने को कहा। फिर दोनों भाई मिलकर चावल खाने लगे।
 
Nityananda Prabhu offered Sri Chaitanya Mahaprabhu a seat and seated him. The two brothers then began to eat the puffed rice together.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)