श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 238
 
 
श्लोक  3.6.238 
एइ त’ सङ्क्षेपे आमि कैलुँ उपदेश ।
स्वरूपेर ठाञि इहार पाइबे विशेष ॥238॥
 
 
अनुवाद
"मैंने तुम्हें संक्षेप में अपने निर्देश दे दिए हैं। अब तुम उनके बारे में सब कुछ स्वरूप दामोदर से जानोगे।"
 
"I have briefly given you my teachings. Now you will learn about them in detail from Swarupa Damodara."
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