vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट
»
श्लोक 238
श्लोक
3.6.238
एइ त’ सङ्क्षेपे आमि कैलुँ उपदेश ।
स्वरूपेर ठाञि इहार पाइबे विशेष ॥238॥
अनुवाद
"मैंने तुम्हें संक्षेप में अपने निर्देश दे दिए हैं। अब तुम उनके बारे में सब कुछ स्वरूप दामोदर से जानोगे।"
"I have briefly given you my teachings. Now you will learn about them in detail from Swarupa Damodara."
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd
Download Vedamrit Android App
Install
×