श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 152
 
 
श्लोक  3.6.152 
सब लेखा करिया राघव - पाश दिला ।
याँर नामे यत राघव चिठि लेखाइला ॥152॥
 
 
अनुवाद
रघुनाथ दास ने दी जाने वाली राशि का लेखा-जोखा तैयार किया और उसे राघव पंडित को सौंप दिया, जिन्होंने फिर एक सूची बनाई जिसमें दिखाया गया कि प्रत्येक भक्त को कितना पैसा देना था।
 
Raghunath Das presented the details of the amount to be given and gave it to Raghava Pandit, who made a list of how much amount was to be given to each devotee.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)