श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 139
 
 
श्लोक  3.6.139 
“तुमि ग्रे कराइला एइ पुलिन - भोजन ।
तोमाय कृपा करि’ गौर कैला आगमन” ॥139॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा, "मेरे प्रिय रघुनाथदास, चूँकि तुमने गंगा तट पर भोज का आयोजन किया था, इसलिए श्री चैतन्य महाप्रभु तुम पर अपनी कृपा दिखाने के लिए यहाँ आये हैं।"
 
“O Raghunatha Dasa, since you have arranged this meal on the banks of the river Ganga, Sri Chaitanya Mahaprabhu has come here just to show His mercy on you.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)