भक्त - चित्ते भक्त - गृहे सदा अवस्थान ।
कभु गुप्त, कभु व्यक्त, स्वतन्त्र भगवान् ॥124॥
अनुवाद
भगवान सदैव भक्त के हृदय में अथवा उसके घर में निवास करते हैं। यह तथ्य कभी गुप्त और कभी प्रकट होता है, क्योंकि भगवान पूर्णतः स्वतंत्र हैं।
The Supreme Personality of Godhead always resides either in the heart of a devotee or in his home. This is sometimes hidden and sometimes revealed, because the Supreme Personality of Godhead is completely independent.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥