श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 5: प्रद्युम्न मिश्र का रामानन्द राय से उपदेश लेना  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  3.5.53 
मोर नाम लइह , - “तेंहो पाठाइला मोरे ।
तोमार स्थाने कृष्ण - कथा शुनिबार तरे” ॥53॥
 
 
अनुवाद
“तुम उसके सामने मेरा नाम लेकर कह सकते हो कि, ‘उसने मुझे तुमसे भगवान कृष्ण के बारे में सुनने के लिए भेजा है।’
 
You can take my name before him saying that he has sent me to hear from you about Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)