vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 5: प्रद्युम्न मिश्र का रामानन्द राय से उपदेश लेना
»
श्लोक 28
श्लोक
3.5.28
मिश्रेरे नमस्कार करे सम्मान करिया ।
निवेदन करे किछु विनीत हञा ॥28॥
अनुवाद
उन्होंने प्रद्युम्न मिश्र को पूरे आदर के साथ प्रणाम किया और फिर बड़ी विनम्रता के साथ इस प्रकार बोले।
He respectfully greeted Pradyumna Mishra and then said this in a very humble tone.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×