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अनुवाद
“आपने कुछ अनियमित लिखा है, क्योंकि आपको नियमों का ज्ञान नहीं है, लेकिन विद्या की देवी सरस्वती ने आपके शब्दों का उपयोग भगवान से प्रार्थना करने के लिए किया है।
You have written nonsense without knowing the rules, but Goddess Saraswati has used your words to offer her praise to God.
तात्पर्य
स्वरूप दामोदर गोस्वामी ने बांग्ला कवि को सूचित किया, "तुम्हारे अज्ञान और मायावाद दर्शन के प्रति तुम्हारे झुकाव के कारण, तुम मायावाद और वैष्णव दर्शनों के बीच के अंतर को नहीं समझ सकते। इसलिए भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु और भगवान जगन्नाथ की स्तुति करने के लिए तुमने जिस प्रक्रिया को अपनाया है, वह उचित प्रणाली का पालन नहीं करती; वास्तव में, यह अनियमित और अपमानजनक है। हालाँकि, सौभाग्य से, तुम्हारे शब्दों के माध्यम से, विद्या की देवी, माँ सरस्वती, ने चतुराई से अपने गुरु, भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु को अपनी प्रार्थनाएँ अर्पित की हैं।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥