“परेर स्थाप्य द्रव्य केह ना खाय, विलाय ।
निषेधिह इँहारे , - येन ना करे अन्याय” ॥88॥
अनुवाद
"जिस व्यक्ति को किसी दूसरे की संपत्ति सौंपी जाती है, वह उसे न तो बाँटता है और न ही अपने कामों के लिए इस्तेमाल करता है। इसलिए उसे समझाइए कि वह ऐसा कोई गैरकानूनी काम न करे।"
“He who is entrusted with someone else's wealth neither distributes it nor uses it for his own use.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥