vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 4: जगन्नाथ पुरी में महाप्रभु से सनातन गोस्वामी की भेंट
»
श्लोक 11
श्लोक
3.4.11
जगन्नाथ रथ - यात्राय हइबेन बाहि र ।
ताँर रथ - चाकाय छाड़िमु एइ शरीर ॥11॥
अनुवाद
“रथ-यात्रा उत्सव के दौरान, जब भगवान जगन्नाथ मंदिर से बाहर आएंगे, तो मैं उनके रथ के पहिये के नीचे यह शरीर त्याग दूँगा।
“During the Rath Yatra festival, when Lord Jagannath comes out of the temple, I will leave my body under the wheels of his chariot.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×