वृन्दावन में 1537 शाकब्द संवत [1615 ई.] में, ज्येष्ठ मास [मई-जून] में, रविवार को, क्षीण चन्द्रमा के पांचवें दिन, यह चैतन्य-चरितामृत पूर्ण हुआ।
This Chaitanya Charitamrita was completed in Vrindavan on the fifth day of the dark fortnight in the month of Jyeshtha of Shaka Samvat 1537 (May-June of 1615 AD), on Sunday.
इस प्रकार श्री चैतन्य-चरितामृत, अन्त्य लीला, के अंतर्गत बीसवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)