श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 20: शिक्षाष्टक प्रार्थनाएँ  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  3.20.107 
प्रभु ‘नाम’ दिया कैला ब्रह्माण्ड - मोचन ।
हरिदास करिला नामेर महिमा - स्थापन ॥107॥
 
 
अनुवाद
तीसरा अध्याय यह भी बताता है कि किस प्रकार श्री चैतन्य महाप्रभु ने ब्रह्माण्ड को भगवान का पवित्र नाम प्रदान करके सभी का उद्धार किया, तथा यह वर्णन करता है कि किस प्रकार हरिदास ठाकुर ने अपने व्यावहारिक उदाहरण द्वारा पवित्र नाम की महिमा स्थापित की।
 
This third chapter also describes how Chaitanya Mahaprabhu bestowed the Lord's holy name upon the universe, saving everyone. It also describes how Haridasa Thakura established the glory of the holy name through his practical examples.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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