ना कहिले हय मोर कृत - घ्नता - दोष ।
दम्भ करि बलि’ श्रोता, ना करिह रोष ॥100॥
अनुवाद
अगर मैं यह बात न बताऊँ, तो मैं प्रभु के प्रति कृतघ्नता का दोषी होऊँगा। इसलिए, मेरे प्रिय पाठकों, कृपया मुझे बहुत घमंडी न समझें और मुझ पर क्रोधित न हों।
If I did not reveal this, I would be guilty of ingratitude towards God.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)