कली-कालेर धर्म — कृष्ण-नाम-संकीर्तन
कृष्ण-शक्ति बिना नहे तार प्रवर्तन
जब तक कोई भगवान के सर्वोच्च व्यक्तित्व, श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा अधिकृत नहीं हो जाता, तब तक वह सम्पूर्ण विश्व में हरे कृष्ण महा-मंत्र के पवित्र नामों का प्रसार नहीं कर सकता। जो व्यक्ति ऐसा करते हैं, उन्हें अधिकृत किया जाता है। इसलिये उन्हें कभी-कभी आविष्ट-अवतार, या सशक्त अवतार कहा जाता है, क्योंकि उनमें श्री चैतन्य महाप्रभु की शक्ति होती है।
