श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 2: छोटे हरिदास को दण्ड  »  श्लोक 125
 
 
श्लोक  3.2.125 
निज कार्ये या ह सबे, छाड़ वृथा कथा ।
पुनः यदि कह आमा ना देखिबे हेथा” ॥125॥
 
 
अनुवाद
"तुम सब अपने-अपने काम निपटा लो। ये बेकार की बातें बंद करो। अगर तुम फिर से ऐसा बोलोगे, तो मैं चला जाऊँगा और तुम मुझे यहाँ फिर कभी नहीं देख पाओगे।"
 
"All of you go to your work. Stop this nonsense. If you talk like that again, I'll leave and you won't see me here anymore."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)