vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु का अचिन्त्य व्यवहार
»
श्लोक 78
श्लोक
3.19.78
एक - काले वैशाखेर पौर्णमासी - दिने ।
रात्रि - काले महाप्रभु चलिला उद्याने ॥78॥
अनुवाद
वैशाख मास की एक पूर्णिमा की रात श्री चैतन्य महाप्रभु एक बगीचे में गये।
Once, on the full moon night of the month of Vaisakha (April-May), Sri Chaitanya Mahaprabhu went to a garden.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×