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अनुवाद
"हे विधाता, तुममें दया नहीं है! तुम देहधारी आत्माओं को मित्रता और स्नेह से जोड़ते हो, किन्तु उनकी इच्छाएँ पूरी होने से पहले ही उन्हें अलग कर देते हो। तुम्हारे कार्य बच्चों की मूर्खतापूर्ण शरारतों जैसे हैं।"
"O Creator, you have no mercy at all! You first bring embodied beings together through friendship and affection, but before their desires are fulfilled, you separate them. Your actions are like the foolish games of children."
तात्पर्य
यह छंद, जो श्रीमद्-भगवतम् (10.39.19) से लिया गया है, व्रज की गोपियों द्वारा तब गाया गया था जब कृष्ण अक्रूर और बलराम के साथ मथुरा के लिए वृंदावन छोड़कर गए थे। गोपियों ने विलाप किया कि प्रोविडेंस ने कृष्ण और बलराम से मिलना और उन्हें प्यार करने का अवसर दिया था और फिर उन्हें उनसे अलग कर दिया था.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥