|
| |
| |
श्लोक 3.16.99  |
सामान्य भा ग्य हैते तार प्राप्ति नाहि हय ।
कृष्णेर याँते पूर्ण - कृपा, सेइ ताहा पाय ॥99॥ |
|
| |
| |
| अनुवाद |
| "केवल साधारण भाग्यशाली व्यक्ति ही ऐसी कृपा प्राप्त नहीं कर सकता। केवल वे ही व्यक्ति जो कृष्ण की पूर्ण कृपा प्राप्त करते हैं, ऐसे अवशेष प्राप्त कर सकते हैं।" |
| |
| "One who is merely ordinary fortunate cannot receive such grace. Only those who have Krishna's full grace can receive such remaining prasada. |
| ✨ ai-generated |
| |
|