श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 16: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा कृष्ण के अधरों का अमृतपान  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  3.16.67 
‘कृष्ण कह’ बलि’ प्रभु बलेन बार बार ।
तबु कृष्ण - नाम बालक ना करे उच्चार ॥67॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने बार-बार बालक से कृष्ण का नाम जपने को कहा, किन्तु बालक ने पवित्र नाम का उच्चारण नहीं किया।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu repeatedly asked the boy to pronounce the name of Krishna, but the boy did not pronounce the holy name.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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