क्षणे क्षणे अनुभवि’ एइ दुइ - जन ।
सङ्क्षेपे बाहुल्ये करेन कड़चा - ग्रन्थन ॥9॥
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अनुवाद
इन दोनों महापुरुषों [स्वरूप दामोदर और रघुनाथदास गोस्वामी] ने श्री चैतन्य महाप्रभु के हर पल के कार्यों को लिपिबद्ध किया। उन्होंने इन गतिविधियों का संक्षिप्त और विस्तृत वर्णन अपनी पुस्तिकाओं में किया।
These two great men (Swarupa Damodara and Raghunatha Das Goswami) recorded Mahaprabhu's minute-by-minute activities. They described these activities both briefly and in detail in their memoirs.
तात्पर्य
भविष्य के संदर्भ के लिए, हमें यह याद रखना चाहिए कि स्वरूप दामोदर गोस्वामी ने लीलाओं को संक्षेप में दर्ज किया, जबकि रघुनाथ दास गोस्वामी ने उन्हें विस्तृत रूप से दर्ज किया। इन दो महान व्यक्तियों ने केवल तथ्यों को ही दर्ज किया; उन्होंने कोई वर्णनात्मक साहित्यिक अलंकरण नहीं बनाया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥