Warning: Undefined array key 1 in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 93
Deprecated: nl2br(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 97
अनुवाद
“जैसे ही सड़क पर लुटेरे किसी बंगाली को अकेले यात्रा करते हुए देखते हैं, वे उसका सब कुछ छीन लेते हैं, उसे गिरफ्तार कर लेते हैं और जाने नहीं देते।
“As soon as these robbers see a Bengali travelling alone on the road, they take away everything he has, imprison him and do not let him go.
तात्पर्य
आम तौर पर बंगाली बहुत स्टाउट और मजबूत नहीं होते हैं। इसलिए जब एक अकेला बंगाली बिहार की सड़कों पर घूमता है, तो सड़क पर मौजूद लुटेरे उसे पकड़ लेते हैं, उसका सारा सामान लूट लेते हैं और उसे अपनी सेवा के लिए किडनैप कर लेते हैं। एक राय के अनुसार, बिहार के बदमाश अच्छी तरह से जानते हैं कि बंगाली बुद्धिमान होते हैं। इसलिए ये चोर आम तौर पर बंगालियों को बुद्धिमानी की आवश्यकता वाली सेवा में जबरदस्ती लगा देते हैं और उन्हें छोड़ने नहीं देते।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥