श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 12: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं जगदानन्द पण्डित का प्रेम व्यवहार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.12.16 
सबार सब कार्य करेन, देन वास - स्थान ।
शिवानन्द जाने उड़िया - पथेर सन्धान ॥16॥
 
 
अनुवाद
शिवानंद सेना ने सबका ध्यान रखा और हर भक्त को ठहरने की जगह दी। वह उड़ीसा जाने वाले सभी रास्तों से वाकिफ थे।
 
Sivananda Sen took care of everyone and provided accommodation for every devotee. He knew all the routes to Orissa.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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