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श्लोक 3.12.149  |
आपने प्रभुर ‘शेष’ करिला भोजन ।
तबे गोविन्देरे प्रभु पाठाइला पुनः ॥149॥ |
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| अनुवाद |
| उन्होंने श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा छोड़े गए भोजन का अवशेष भी स्वयं खाया। तब भगवान ने पुनः गोविंद को भेजा। |
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| He himself ate the remainder of the food left by Sri Chaitanya Mahaprabhu. Then Mahaprabhu again sent Govinda. |
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