श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 12: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं जगदानन्द पण्डित का प्रेम व्यवहार  »  श्लोक 132
 
 
श्लोक  3.12.132 
आपने खाइबे कृष्ण, ताहार लागिया ।
तोमार हस्ते पाक कराय उत्तम करिया ॥132॥
 
 
अनुवाद
“क्योंकि वह स्वयं भोजन खाएंगे, कृष्ण तुम्हें इतना अच्छा खाना पकाने देते हैं।
 
Since Krishna himself will eat, he makes you prepare such nice food.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)