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श्लोक 3.10.81  |
सब लञा प्रभु कैला प्रसाद भोजन ।
सबारे विदाय दिला करिते शयन ॥81॥ |
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| अनुवाद |
| तब श्री चैतन्य महाप्रभु ने उन सभी के साथ प्रसाद ग्रहण किया और फिर उन्हें अपने निवास स्थान पर लौटकर विश्राम करने को कहा। |
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| Then Sri Chaitanya Mahaprabhu took prasad with all of them and asked them to return to their respective abodes and take rest. |
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