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श्लोक 3.10.43  |
सेइ - काले महाप्रभु भक्त - गण - सङ्गे ।
नरेन्द्रे आइला देखिते जल - केलि - रङ्गे ॥43॥ |
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| अनुवाद |
| तब श्री चैतन्य महाप्रभु अपने निजी पार्षदों के साथ नरेन्द्र-सरोवर में भगवान जगन्नाथ की उल्लासमय लीला देखने के लिए आये। |
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| Then Sri Chaitanya Mahaprabhu came to Narendra Sarovar along with his personal companions to witness the joyful water sports of Lord Jagannatha. |
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