श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 1: महाप्रभु से श्रील रूप गोस्वामी की द्वितीय भेट  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  3.1.40 
उड़िया - देशे ‘सत्यभामा - पुर’ - नामे ग्राम ।
एक रात्रि सेइ ग्रामे करिला विश्राम ॥40॥
 
 
अनुवाद
उड़ीसा प्रांत में सत्यभामा-पुर नामक एक स्थान है। श्रील रूप गोस्वामी ने जगन्नाथ पुरी जाते समय उस गांव में एक रात विश्राम किया था।
 
There is a village called Satyabhamapur in the state of Orissa. Srila Rupa Goswami rested in that village for a night while on his way to Jagannatha Puri.
तात्पर्य
ओडिशा के कटाक जिले में सत्यभामा-पुरा नामक एक स्थान है। यह जानकादेई-पुरा नामक गाँव के पास है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)