गो - समाजे शिव दे खि’ आइला वेदावन ।
महादेव दे खि’ ताँरे करिला वन्दन ॥75॥
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अनुवाद
इसके बाद भगवान गो-समाज नामक स्थान पर गए, जहाँ उन्होंने भगवान शिव के मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद वे वेदवन पहुँचे, जहाँ उन्होंने भगवान शिव के एक अन्य विग्रह के दर्शन किए और उनकी स्तुति की।
Mahaprabhu then went to Gosamaja, where he saw a Shiva temple. He then reached Vedavan, where he saw another idol of Shiva and offered his salutations.
तात्पर्य
गो-समाज भगवान शिव के भक्तों के लिए एक तीर्थ स्थान है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है और वेदावन के पास स्थित है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥