vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ
»
श्लोक 356
श्लोक
2.9.356
प्रभु कहे, - एत तीर्थ कैलुँ पर्यटन ।
तोमा - सम वैष्णव ना देखिलुँ एक - जन ॥356॥
अनुवाद
भगवान ने सार्वभौम भट्टाचार्य से कहा, "मैंने अनेक पवित्र स्थानों की यात्रा की है, किन्तु मुझे कहीं भी आपके समान उत्तम वैष्णव नहीं मिला।"
Mahaprabhu said to Sarvabhauma Bhattacharya, “I have visited many pilgrimage places, but I have never seen a Vaishnava like you anywhere.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×