श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 351
 
 
श्लोक  2.9.351 
दिव्य महाप्रसाद अनेक आनाइल ।
पीठा - पाना आदि जगन्नाथ ये खाइल ॥351॥
 
 
अनुवाद
सार्वभौम भट्टाचार्य भगवान जगन्नाथ द्वारा छोड़े गए विभिन्न प्रकार के भोजन के अवशेष लाए। वे तरह-तरह के केक और गाढ़े दूध से बनी चीज़ें लाए।
 
Sarvabhauma Bhattacharya brought various offerings left by Lord Jagannatha. He brought a variety of dishes and milk products.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)