vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ
»
श्लोक 351
श्लोक
2.9.351
दिव्य महाप्रसाद अनेक आनाइल ।
पीठा - पाना आदि जगन्नाथ ये खाइल ॥351॥
अनुवाद
सार्वभौम भट्टाचार्य भगवान जगन्नाथ द्वारा छोड़े गए विभिन्न प्रकार के भोजन के अवशेष लाए। वे तरह-तरह के केक और गाढ़े दूध से बनी चीज़ें लाए।
Sarvabhauma Bhattacharya brought various offerings left by Lord Jagannatha. He brought a variety of dishes and milk products.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×