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श्लोक 2.9.344  |
सार्वभौम महाप्रभुर पड़िला चरणे ।
प्रभु ताँरे उठाञा कैल आलिङ्गने ॥344॥ |
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| अनुवाद |
| सार्वभौम भट्टाचार्य भगवान के चरणकमलों पर गिर पड़े और भगवान ने उन्हें खींचकर गले लगा लिया। |
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| Sarvabhauma Bhattacharya fell at the lotus feet of Mahaprabhu and Mahaprabhu picked him up and embraced him. |
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