vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ
»
श्लोक 299
श्लोक
2.9.299
ताँर एक योग्य पुत्र करियाछे सन्न्यास ।
‘शङ्करारण्य’ नाम ताँर अल्प वयस ॥299॥
अनुवाद
श्रीरंगपुरी को यह भी स्मरण आया कि उनके एक सुयोग्य पुत्र ने बहुत कम आयु में ही संन्यास ग्रहण कर लिया था। उसका नाम शंकरारण्य था।
Sri Rangapuri also knew that one of his capable sons, Shankaraaranya, had taken up Sannyasa at a young age.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas