श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.9.26 
बाल्यावधि राम - नाम - ग्रहण आमार ।
तोमा दे खि’ कृष्ण - नाम आइल एक - बार ॥26॥
 
 
अनुवाद
“मैं बचपन से ही भगवान रामचन्द्र का पवित्र नाम जपता रहा हूँ, लेकिन आपको देखकर मैंने केवल एक बार भगवान कृष्ण का पवित्र नाम जपा।
 
“I have been chanting the name of Lord Ramachandra since my childhood, but after seeing you, I chanted the name of Lord Krishna for the first time.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)