श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 9: श्री चैतन्य महाप्रभु की तीर्थयात्राएँ  »  श्लोक 209
 
 
श्लोक  2.9.209 
नूतन पत्र लेखाञा पुस्तके देओयाइल ।
प्रतीति ला गि’ पुरातन पत्र मागि’ निल ॥209॥
 
 
अनुवाद
चूँकि कूर्म पुराण बहुत पुराना था, इसलिए उसकी पांडुलिपि भी बहुत पुरानी थी। श्री चैतन्य महाप्रभु ने प्रत्यक्ष प्रमाण के लिए मूल पृष्ठ अपने कब्जे में ले लिए। पुराण को प्रतिस्थापित करने के लिए पाठ को नए पृष्ठों पर प्रतिलिपिबद्ध किया गया।
 
Since the Kurma Purana is very ancient, its manuscript was also very ancient. Sri Chaitanya Mahaprabhu kept the original pages for direct evidence and copied the original onto new pages and included them in the Kurma Purana.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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