नारायण हैते कृष्णेर असाधारण गुण ।
अतएव लक्ष्मीर कृष्णे तृष्णा अनुक्षण ॥144॥
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अनुवाद
“क्योंकि कृष्ण में चार असाधारण गुण हैं जो भगवान नारायण में नहीं हैं, इसलिए भाग्य की देवी लक्ष्मी हमेशा उनकी संगति चाहती हैं।
“Since Krishna has four extraordinary qualities that Narayana does not have, Lakshmiji always wants his company.”
तात्पर्य
भगवान नारायण में साठ दिव्य गुण हैं। इनके अतिरिक्त, कृष्ण में चार असाधारण दिव्य गुण हैं जो भगवान नारायण में नहीं होते हैं। ये चार गुण हैं: (1) उनके आश्चर्यजनक कार्य, जिनकी तुलना समुद्र से की जाती है, (2) संयोगात्मक प्रेम में सर्वोच्च भक्तों के समूह (गोपियों) के साथ उनका जुड़ाव, (3) उनकी बांसुरी पर बजाना, जिसका कंपन तीनों लोकों को आकर्षित करता है, और (4) उनकी असाधारण सुंदरता, जो तीनों लोकों की सुंदरता को पार कर जाती है। भगवान कृष्ण की सुंदरता अद्वितीय और नायाब हैl
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥