श्रील भक्तिविनोद ठाकुर कहते हैं कि श्रील कावीराज गोस्वामी ने श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा देखे गए पवित्र स्थानों के नाम दर्ज किए हैं लेकिन उन स्थानों को कालानुक्रमिक क्रम में नहीं रखा। हालाँकि गोविंद दास की एक पुस्तिका है जिसमें कालानुक्रमिक क्रम और भौगोलिक स्थिति के संदर्भ हैं। श्रील भक्तिविनोद ठाकुर पाठकों से उस पुस्तक को देखने का आग्रह करते हैं। गोविंद दास के अनुसार श्री चैतन्य महाप्रभु गौतमीगंगा से त्रिमंद्र गए। वहाँ से वो धुंडीराम-तीर्थ गए जो की एक अन्य तीर्थ स्थल है। श्री चैतन्य-चरितामृता के अनुसार गौतमीगंगा के दर्शन के बाद श्री चैतन्य महाप्रभु मल्लिकार्जुन-तीर्थ गए।
