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अनुवाद
अगली सुबह बिस्तर से उठकर, श्री चैतन्य महाप्रभु स्थानीय मंदिर गए, जहाँ हनुमान जी की मूर्ति थी। उन्हें प्रणाम करके, भगवान दक्षिण भारत के लिए प्रस्थान कर गए।
After waking up in the morning, Sri Chaitanya Mahaprabhu went to the local temple where the idol of Hanumanji was located. After paying his respects, Mahaprabhu departed for South India.
तात्पर्य
भारत के लगभग सभी शहरों और कस्बों में भगवान रामचंद्र के शाश्वत सेवक हनुमानजी के मंदिर हैं। वृंदावन में गोविंदाजी मंदिर के पास हनुमानजी का एक मंदिर भी है। पूर्व में यह मंदिर गोपालजी मंदिर के सामने था, लेकिन गोपालजी देवता साक्षी-गोपाल के रूप में रहने के लिए उड़ीसा चले गए। भगवान रामचंद्र के शाश्वत सेवक होने के नाते हनुमानजी को कई सैकड़ों और हजारों वर्षों से सम्मानपूर्वक पूजा जाता रहा है। यहाँ तक कि भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु ने हनुमानजी का सम्मान कैसे करना चाहिए इसके उदाहरण पेश करने का काम किया है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥