या निशा सर्व-भूतानां तस्यां जागर्ति संयमी
यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुने:
"जो सभी प्राणियों के लिए रात है, वह संयमी के लिए जागने का समय है, और जो सभी प्राणियों के लिए जागने का समय है, वह आत्मनिष्ठ मुनि के लिए रात है।"
कभी-कभी कृष्ण चेतना सांसारिक लोगों को एक प्रकार का पागलपन लगता है, जैसे सांसारिक लोगों की गतिविधियों को कृष्ण चेतना वाले लोग पागलपन का एक रूप मानते हैं।
