श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 8: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा श्री रामानन्द राय के बीच वार्तालाप  »  श्लोक 198
 
 
श्लोक  2.8.198 
राय कहे , - येइ कहाओ, सेइ कहि वाणी ।
कि कहिये भाल - मन्द, किछुइ ना जानि ॥198॥
 
 
अनुवाद
श्री रामानन्द राय ने उत्तर दिया, "मुझे नहीं पता कि मैं क्या कह रहा हूँ, लेकिन आपने ही मुझे जो कुछ भी कहलवाया है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा। मैं तो बस उस संदेश को दोहरा रहा हूँ।"
 
Sri Ramanand Rai replied, "I don't know what I'm saying, but whatever it is, good or bad, you're the one making me say it. I'm just repeating the message."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)