श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 7: महाप्रभु द्वारा दक्षिण भारत की यात्रा  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.7.39 
‘कृष्णदा स’ - नामे एइ सरल ब्राह्मण ।
इँहो सङ्गे करि’ लह, धर निवेदन ॥39॥
 
 
अनुवाद
श्री नित्यानंद प्रभु ने आगे कहा, "यहाँ कृष्णदास नाम का एक साधारण ब्राह्मण है। कृपया उसे स्वीकार करें और अपने साथ ले जाएँ। यही मेरी प्रार्थना है।"
 
Sri Nityananda Prabhu continued, "This is a simple Brahmin named Krishnadas. Please take him with you. This is my request."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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