यारे देखे, तारे कहे , - कह कृष्ण - नाम ।
एइ - मत ‘वैष्णव’ कैल सब निज - ग्राम ॥101॥
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अनुवाद
ऐसा शक्ति संपन्न व्यक्ति हर किसी से, हर किसी से, जिसे भी वह देखता, कृष्ण के पवित्र नाम का जप करने का अनुरोध करता। इस प्रकार सभी ग्रामवासी भी भगवान के भक्त बन जाते।
The person thus empowered would request everyone he saw to chant the name of Krishna. In this way, all the villagers also became devotees of the Supreme Personality of Godhead.
तात्पर्य
एक प्रभावी उपदेशक बनने के लिए, व्यक्ति को भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु या उनके भक्त, आध्यात्मिक गुरु द्वारा पसंद किया जाना चाहिए। व्यक्ति को सभी को महामंत्र का जाप करने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए। इस तरह, ऐसा व्यक्ति दूसरों को वैष्णववाद में परिवर्तित कर सकता है, उन्हें परमेश्वर, ईश्वर के शुद्ध भक्त बनना सिखा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥