श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 6: सार्वभौम भट्टाचार्य की मुक्ति  »  श्लोक 216
 
 
श्लोक  2.6.216 
आर दिन प्रभु गेला जगन्नाथ - दरशने ।
दर्शन करिला जगन्नाथ - शय्योत्था ने ॥216॥
 
 
अनुवाद
अगली सुबह श्री चैतन्य महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने मंदिर गए और उन्होंने भगवान को अपने शयन-शयन से उठते देखा।
 
Next morning, Sri Chaitanya Mahaprabhu went to the temple to have darshan of Lord Jagannath and saw the Lord rising from his bed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)