vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 6: सार्वभौम भट्टाचार्य की मुक्ति
»
श्लोक 216
श्लोक
2.6.216
आर दिन प्रभु गेला जगन्नाथ - दरशने ।
दर्शन करिला जगन्नाथ - शय्योत्था ने ॥216॥
अनुवाद
अगली सुबह श्री चैतन्य महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने मंदिर गए और उन्होंने भगवान को अपने शयन-शयन से उठते देखा।
Next morning, Sri Chaitanya Mahaprabhu went to the temple to have darshan of Lord Jagannath and saw the Lord rising from his bed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×