अन्य यत साध्य - साधन क रि’ आच्छादन ।
एइ तिने हरे सिद्ध - साधकेर मन ॥197॥
अनुवाद
"ये तीन चीजें आध्यात्मिक गतिविधियों में लगे एक पूर्ण छात्र के मन को आकर्षित करती हैं और आध्यात्मिक गतिविधि की अन्य सभी प्रक्रियाओं पर विजय प्राप्त करती हैं।"
“These three attract the accomplished seeker engaged in spiritual work and overshadow all other types of spiritual practices.”
तात्पर्य
भक्ति-योग के अतिरिक्त आध्यात्मिक क्रियाकलाप तीन वर्गों मे बंटे हुए है- तर्क-वितर्क की क्रियाकलाप जो ज्ञान-सम्प्रदाय(विद्वान विद्वानों) द्वारा संचालित है, कर्मफल देने वाली क्रियाकलाप जो वैदिक नियमों के अनुसार जनसंख्या के द्वारा संचालित है, और भक्ति सेवा मे संलग्न न होने वाले आध्यात्मिक कार्य जो कि हानिकारक है। इन वर्गों की बहुत सारी विभिन्न शाखाएँ है, किन्तु भगवान के अपने अकल्पनीय शक्ति और पारलौकिक गुणों द्वारा, कर्म, ज्ञान, योग और अन्य गतिविधियों मे निरत छात्र का मन आकर्षित करते हैं। सर्वोच्च प्रभु अकल्पनीय शक्तियों से परिपूर्ण है, जो कि उनके व्यक्तित्व, उनकी ऊर्जाओं और उनके पारलौकिक गुणों से सम्बंधित है। ये सभी गंभीर छात्र के लिए बहुत आकर्षक हैं। परिणामस्वरूप प्रभु को कृष्ण, सर्व-आकर्षक के रूप मे जाना जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥