श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 6: सार्वभौम भट्टाचार्य की मुक्ति  »  श्लोक 169
 
 
श्लोक  2.6.169 
जीवेर निस्तार ला गि’ सूत्र कैल व्यास ।
मायावादि - भाष्य शुनिले हय सर्वनाश ॥169॥
 
 
अनुवाद
“श्रील व्यासदेव ने बद्धजीवों के उद्धार के लिए वेदान्त दर्शन प्रस्तुत किया, किन्तु यदि कोई शंकराचार्य की व्याख्या सुनता है, तो सब कुछ बिगड़ जाता है।
 
“Srila Vyasdev presented Vedanta philosophy for the salvation of conditioned souls, but if a person listens to Shankaracharya's commentary, he is doomed to destruction.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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