श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 4: श्री माधवेन्द्र पुरी की भक्ति  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  2.4.31 
गो - दोहन करिते चाहि, शीघ्र आमि याब ।
आर - बार आसि आमि एइ भाण्ड लइब ॥31॥
 
 
अनुवाद
लड़के ने आगे कहा, "मुझे गायों का दूध दुहने के लिए बहुत जल्द जाना है, लेकिन मैं वापस आकर आपसे यह दूध का बर्तन वापस ले लूंगा।"
 
The boy further said, “I have to go to milk the cows soon, but I will take this milk pot from you when I return.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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