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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 4: श्री माधवेन्द्र पुरी की भक्ति  »  श्लोक 134
 
 
श्लोक  2.4.134 
क्षीर लञा सुखे तुमि करह भक्षणे ।
तोमा - सम भाग्यतान् नाहि त्रिभुवने ॥134॥
 
 
अनुवाद
पुजारी ने आगे कहा, "माधवेंद्र पुरी नाम के संन्यासी कृपया आकर मीठे चावलों का यह बर्तन लें और बड़े आनंद से प्रसाद ग्रहण करें! आप तीनों लोकों में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति हैं!"
 
The priest continued, "Will the monk named Madhavendra Puri come and take this kheer bowl and accept the prasad with great joy? You are the most fortunate person in the three worlds!"
तात्पर्य
यहाँ कृष्ण की अनैतिक गतिविधि के प्रति व्यक्तिगत आशीर्वाद का एक उदाहरण दिया गया है। गोपीनाथ द्वारा अपने भक्त की चोरी करके, भक्त तीनों लोकों में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति बन जाता है। इस प्रकार भगवान की आपराधिक गतिविधियाँ भी उनके भक्त को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति बनाती हैं। एक सांसारिक बदमाश कृष्ण के लीलाओं को कैसे समझ सकता है और यह आंक सकता है कि वे नैतिक हैं या अनैतिक? चूँकि कृष्ण निरपेक्ष सत्य हैं, इसलिए नैतिक और अनैतिक जैसे कोई सांसारिक भेद नहीं हैं। वह जो कुछ भी करते हैं वह अच्छा है। यही "भगवान अच्छे हैं" का वास्तविक अर्थ है। वह सभी परिस्थितियों में अच्छे हैं क्योंकि वह इस भौतिक दुनिया के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। इसलिए, कृष्ण को केवल वे ही समझ सकते हैं जो पहले से ही आध्यात्मिक दुनिया में रह रहे हैं। इसकी पुष्टि भगवद-गीता (14.26) में की गई है:

माँ च यो 'व्यभिचारेण भक्ति-योगेन सेवते

स गुणान समतीत्यैतान ब्रह्म-भूयाय कल्पते

"जो सभी परिस्थितियों में अटूट रूप से भक्ति भाव से जुड़ता है, वह तुरंत भौतिक प्रकृति के तरीकों को बदल देता है और इस तरह ब्रह्म के स्तर पर आता है।"

जो भगवान की अटूट भक्ति भाव में लगा हुआ है वह पहले से ही आध्यात्मिक दुनिया में स्थित है (ब्रह्म-भूयाय कल्पते)। सभी परिस्थितियों में, कृष्ण के साथ उनकी गतिविधियाँ और व्यवहार पारलौकिक होते हैं और इस प्रकार सांसारिक नैतिकवादियों द्वारा समझ में नहीं आते हैं। इसलिए बेहतर है कि ऐसे कृत्यों पर सांसारिक लोगों के बीच चर्चा न की जाए। उन्हें हरे कृष्ण महामंत्र देना बेहतर है ताकि वे धीरे-धीरे शुद्ध हों और फिर कृष्ण की पारलौकिक गतिविधियों को समझ सकें।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)