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अनुवाद
इस प्रकार अद्वैत आचार्य के सभी ऐश्वर्य - उनकी श्रद्धा, भक्ति, घर, धन और अन्य सभी चीजें - भगवान चैतन्य महाप्रभु की पूजा में सफलतापूर्वक उपयोग की गईं।
In this way all the wealth of Advaita Acharya – his faith, devotion, house, wealth and everything else – were well utilized in the service of Sri Chaitanya Mahaprabhu.
तात्पर्य
अद्वैताचार्य ने लॉर्ड चैतन्य महाप्रभु और उनके भक्तों के स्वागत और अपने घर पर एक दैनिक त्योहार के निष्पादन में सभी गृहस्थ भक्तों के लिए एक आदर्श उदाहरण स्थापित किया। यदि किसी के पास उचित साधन और धन है, तो उसे कभी-कभी लॉर्ड चैतन्य के भक्तों को आमंत्रित करना चाहिए जो दुनिया भर में प्रचार कर रहे हैं और घर पर केवल प्रसाद वितरित करके और दिन के दौरान कृष्ण के बारे में बात करके एक त्योहार आयोजित करते हैं और शाम को कम से कम तीन घंटे के लिए सामूहिक भजन करते हैं। कृष्ण चेतना आंदोलन के सभी केंद्रों में इस प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए। इस प्रकार वे प्रतिदिन संकीर्तन-यज्ञ करेंगे। श्रीमद-भागवतम (11.5.32) में इस युग के लिए संकीर्तन-यज्ञ के दैनिक प्रदर्शन की सिफारिश की गई है (यज्ञैः संकीर्तन-प्रायैर् यजन्ति हि सु-मेधसः)। व्यक्ति को प्रसाद वितरित करके और सामूहिक भजन करके लॉर्ड चैतन्य महाप्रभु और उनके चार सहयोगियों, पंच-तत्व की पूजा करनी चाहिए। वास्तव में, कलियुग में उस यज्ञ या बलिदान की सबसे अधिक अनुशंसा की जाती है। इस युग में, अन्य यज्ञों को करना संभव नहीं है, लेकिन इस यज्ञ को हर जगह और कहीं भी बिना किसी कठिनाई के किया जा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥